इमरान खान के लिए एक बड़ी राहत में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री की नाटकीय गिरफ्तारी को ‘गैरकानूनी’ और ‘अमान्य’ घोषित किया और गुरुवार को एक पीठ के समक्ष पेश किए जाने के बाद उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया.

इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने दावा किया है कि राजधानी में धारा 144 अब भी लागू है और इमरान खान समर्थकों से ‘कानूनी प्रक्रिया में बाधा नहीं डालने’ का अनुरोध किया है. इमरान खान आज कड़ी सुरक्षा के बीच अग्रिम जमानत के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के सामने पेश होने वाले हैं. उनकी पार्टी ने इस अवसर पर एक रैली की घोषणा की है और समर्थकों से अपने नेता के संबोधन के लिए अदालत के पास इकट्ठा होने को कहा है.

इस्लामाबाद पुलिस ने एक ट्वीट में कहा, ‘हम विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने वालों से शांति भंग नहीं करने का अनुरोध करते हैं. आवाम को उकसाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’ इधर, जो बाइडेन प्रशासन ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका पाकिस्तान में स्थिति की निगरानी करना जारी रखेगा. इमरान खान को 9 मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से पाकिस्तान रेंजर्स ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था, जब वह दो मामलों में अग्रिम जमानत के लिए पहुंचे थे. एक जवाबदेही अदालत ने अगले दिन उन्हें अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 8 दिन की रिमांड पर राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो को सौंप दिया था.

उनकी गिरफ्तारी ने पूरे पाकिस्तान में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखा, जिसने शहबाज शरीफ सरकार को राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में सेना तैनात करने के लिए प्रेरित किया. देशव्यापी हिंसक विरोध प्रदर्शन में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई. मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल, न्यायमूर्ति मुहम्मद अली मजहर और न्यायमूर्ति अतहर मिनल्लाह की 3 सदस्यीय शीर्ष अदालत की पीठ ने कल इमरान खान की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान देश भर में 120 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें कथित रूप से देशद्रोह और ईशनिंदा, हिंसा और आतंकवाद को उकसाना शामिल है.

By Ajay Thakur

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