(America) को दुनिया की सुपर पावर के तोर पर जाना जाता है। अमेरिका की इकॉनमी पूरी दुनिया में सबसे ताक़तवर है, लेकिन लेकिन पिछले एक दशक से ही अमेरिका की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है।

साल 2008 के आसपास तो आर्थिक मंदी की स्थिति आ गई थी और तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय कई बैंक दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गए थे। लेकिन आज भी हालात कोई बहुत अच्छे नहीं हैं।

अमेरिका (America) की वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने कहा कि यूएस सरकार के 31.46 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट करने से दुनिया भर में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। अमेरिका की ट्रेजरी चीफ जेनेट येलेन ने कांग्रेस से 31.4 ट्रिलियन डॉलर की फेडरल कर्ज सीमा बढ़ाने और एक अभूतपूर्व डिफॉल्ट को टालने की अपील की।येलेन ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हो सका तो दुनियाभर में आर्थिक मंदी का खतरा तो होगा ही। साथ ही अमेरिकी की दुनियाभर में इकोनॉमिक लीडरशिप भी कमजोर होने का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।

येलेन (America) ने सात देशों के समूह जी-7 (G7) के साथ-साथ भारत, इंडोनेशिया और ब्राजील के वित्त मंत्रियों के साथ जापान में एक बैठक से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस इस कड़ी चेतावनियों को जारी किया। येलेन ने कहा कि कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट से उन लाभ के खत्म होने का खतरा होगा जो पिछले कुछ साल में महामारी से उबरने के लिए कड़ी मेहनत करके हासिल किए गए।

साथ ही यह एक वैश्विक मंदी को बढ़ावा देगा जो अमेरिका (America) को और पीछे ले जाएगा। येलेन ने कहा कि इस मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी के असहयोग से संकट खड़ा हुआ है। डिफॉल्ट के खतरे से अमेरिकी सरकार की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट आ सकती है।

By Ajay Thakur

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