सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में नगर निकायों में भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के के सिलसिले में बुधवार को राज्य में कई ठिकानों पर छापे मारे।

एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बुधवार सुबह साउथ दमदम, पानीहाटी, कांचरापाड़ा, चिनसुराह और दमदम सहित 14 नगरपालिकाओं में कई ठिकानों पर तलाशी ली।

राज्य शहरी विकास विभाग के दफ्तर पर भी छापा

अधिकारी के मुताबिक, सीबीआई टीम ने सॉल्ट लेक इलाके में राज्य शहरी विकास विभाग के दफ्तर पर भी छापा मारा। उन्होंने बताया कि इन नगर निकायों में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए रिश्वत लिए जाने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच के सिलसिले में यह छापेमारी की जा रही है।

बीजेपी द्वारा रची गई ‘साजिश का हिस्सा’-टीएमसी

सीबीआई छापे पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के शहरी विकास एवं नगर निकाय मामलों के मंत्री फिरहाद हाकिम ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बीजेपी द्वारा रची गई ‘साजिश का हिस्सा’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “इस बात को मानने के कारण हैं कि यह भाजपा द्वारा बदले की कार्रवाई है, जो अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती आई है। हम निष्पक्ष जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमारा मानना है कि इस तरह के छापे एक साजिश का हिस्सा हैं। हम चाहते हैं कि सच सामने आए।”

टीएमसी के आरोप बेबुनियाद-बीजेपी

वहीं, भाजपा के राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि सीबीआई कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर नगर निकायों में कथित भर्ती घोटाले की जांच कर रही है, ऐसे में साजिश संबंधी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आरोप ‘बेबुनियाद’ हैं। उन्होंने कहा, “हाकिम इस बात से वाकिफ हैं कि टीएमसी कार्यकर्ताओं का एक वर्ग स्थानीय निकायों में नौकरी नहीं मिलने से असंतुष्ट है और वह अदालत के आदेश और सीबीआई की छापेमारी से खुश है।”

By Ajay Thakur

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