चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग को लेकर बड़ा अपडेट आया है. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) जुलाई में इसे लॉन्च करने की प्लानिंग कर रहा है.
इससे जुड़े एक अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकादी दी. उन्होंने बताया कि जुलाई में चंद्रयान-3 को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद आदित्य-एल1 लॉन्च किया जाएगा.
बता दें कि आदित्य-L1 सूर्य का स्टडी करने वाला भारत का पहला साइंटिफिक मिशन है. अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हम सभी टेस्ट पूरे कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि हम समय पर इसे लॉन्च कर सकें. बता दें कि पहला मून रॉकेट चंद्रयान-1 को साल 2008 में लॉन्च किया गया था.
2019 में चंद्रयान-2 लॉन्च हुआ था
वहीं, चंद्रयान-2 को 2019 में लॉन्च किया गया था. मगर इसका लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर क्रैश हो गया था. चंद्रयान-2 का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक रोवर को उतारना था लेकिन यह चंद्रमा की सतह पर उतरने ही वाला था कि लैंडर टूट गया. जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3 मिशन में करीब 9 हजार करोड़ से अधिक रुपये का खर्च होगा.
आदित्य-L1 सूर्य का स्टडी करने वाला पहला मिशन
वहीं, आदित्य-L1 सूर्य का स्टडी करने वाला भारत का पहला वैज्ञानिक मिशन है. इससे पहले इस मिशन का नाम आदित्य-1 रखा गया था. यह मिशन एक पेलोड के साथ 400 KG का क्लास सेटेलाइट, VELC ले जा रहा था और इसे पृथ्वी की 800 किमी लो ऑर्बिट में लॉन्च करने की प्लानिंग थी.
आदित्य-L1 सूर्य का स्टडी करने वाला पहला मिशन
वहीं, आदित्य-L1 सूर्य का स्टडी करने वाला भारत का पहला वैज्ञानिक मिशन है. इससे पहले इस मिशन का नाम आदित्य-1 रखा गया था. यह मिशन एक पेलोड के साथ 400 KG का क्लास सेटेलाइट, VELC ले जा रहा था और इसे पृथ्वी की 800 किमी लो ऑर्बिट में लॉन्च करने की प्लानिंग थी.
बता दें कि बाद में आदित्य-1 मिशन का नाम बदलकर आदित्य-L1 कर दिया गया था. दरअसल, इस मिशन को L1 पॉइंट के चारों ओर एक ऑर्बिट में डाला जाएगा, जो पृथ्वी से सूर्य की तरफ 1.5 मिलियन किलोमीटर है.