डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गैनाइज़ेशन(डीआरडीओ)ने अपने कर्मचारियों को अननोन नंबर से आने वाले फोस को रिसीव करने से मना किया है. साथ ही इंटरनेट से भी दूरी बनाने की सलाह दी है.

आपकों बता दें कि हाल में खुफिया जानकारी दुश्मन जासूसों को लीक करने के आरोप में डीआरडीओ वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को गिरफ्तार है, जिसके बाद ये आदेश जारी किया गया है.

डीआरडीओ के सीनियर अधिकारियों के अनुसार वैज्ञानिक कुरुलकर की गिरफ्तारी के बाद ये आदेश जारी हुआ है. उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों से कहा गया है कि वो साइबर अनुशासन को बनाए रखें.अननोन नंबर से आने वाले फोन को किसी भी कीमत स्वीकार न करें. कर्मियों को इंटरनेट से भी दूर रहने को कहा गया है.

अननोन नंबर को उठाने से बचे

रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों को सोशल मीडिया से भी दूर रहने को कहा गया है.क्योंकि इससे अजनबियों या खुफिया गुर्गों का मिशन सफल हो सकता है. डीआरडीओ चीफ डॉ. समीर वी कामत ने इस मामले में कहा कि हमें डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गैनाइज़ेशन एजेंसी में भी इंटरनेट का यूज करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए.

हनीट्रैप का शिकार हुए थे प्रदीप कुरुलकर

आपकी जानकारी के लिए इसी महीने की 3 तारीख को महाराष्ट्र एंटी-टेरर स्क्वाड ने डीआरडीओ के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में अरेस्ट किया गया था. जानकारी के अनुसार वो हनीट्रैप का शिकार हो गए थे.मामले की जानकारी होने पर डीआरडीओ ने उनकी गतिविधियों की जांच की थी और दोषी पाने पर उन्होंने प्रयोगशाला के निदेशक के पद से बर्खास्त कर दिया.बता दें प्रदीप पुणे में अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियरों) के प्रमुख थे. अदालत ने कुरूलकर को अगले 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज था.

By Ajay Thakur

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